Hai Jawani To Ishq Hona Hai Review in Hindi: वरुण धवन की फैमिली ड्रामा फिल्म कैसी है?

 

है जवानी तो इश्क होना है मूवी रिव्यू पोस्टर, वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े के साथ
अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जिनमें प्यार, शादी, गलतफहमियां और कॉमेडी का तड़का हो, तो 'है जवानी तो इश्क होना है' उसी तरह की फिल्म है। फिल्म में वरुण धवन लीड रोल में हैं, जबकि उनके साथ मृणाल ठाकुर, पूजा हेगड़े, जिमी शेरगिल और कृति सेनन भी अहम किरदार निभा रहे हैं। कहानी पूरी तरह रिश्तों में आने वाली उलझनों के इर्द-गिर्द घूमती है और बीच-बीच में कॉमेडी भी देखने को मिलती है।

फिल्म की शुरुआत जस्स (वरुण धवन) और उसकी पत्नी बानी (मृणाल ठाकुर) से होती है। दोनों एक-दूसरे से प्यार तो करते हैं, लेकिन शादी के बाद उनकी सोच अलग-अलग निकलती है। जस्स चाहता है कि वह जल्दी पिता बने, जबकि बानी का पूरा ध्यान अपने करियर पर है। दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े रहते हैं और धीरे-धीरे छोटी-छोटी बातें बड़े झगड़ों में बदल जाती हैं। आखिरकार दोनों अलग रहने का फैसला कर लेते हैं।

पत्नी से दूर होने के बाद जस्स काम के सिलसिले में लंदन पहुंचता है। वहीं उसकी मुलाकात प्रीत (पूजा हेगड़े) से होती है। दोनों की बातचीत शुरू होती है और देखते ही देखते दोस्ती प्यार में बदलने लगती है। लेकिन इस रिश्ते के साथ एक नई परेशानी भी जुड़ी होती है, क्योंकि प्रीत का भाई रंधावा (जिमी शेरगिल) बेहद गुस्सैल और अपनी बहन को लेकर काफी पजेसिव है। जस्स के लिए अब हर कदम संभलकर रखना जरूरी हो जाता है।

कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आता है, जब जस्स को पता चलता है कि उसकी अलग रह रही पत्नी बानी और उसकी नई गर्लफ्रेंड प्रीत, दोनों एक ही समय पर प्रेग्नेंट हैं। यहीं से फिल्म पूरी तरह कॉमेडी और कन्फ्यूजन की तरफ मुड़ जाती है। जस्स एक तरफ अपनी पुरानी शादी को संभालने की कोशिश करता है, तो दूसरी तरफ प्रीत के साथ अपना रिश्ता भी बचाना चाहता है। दोनों को एक-दूसरे से दूर रखने के लिए वह लगातार झूठ बोलता है और हर बार पहले से बड़ी मुश्किल में फंस जाता है।

फिल्म के कई सीन ऐसे हैं जहां दर्शकों को हंसी भी आती है और यह सोचने पर भी मजबूर होना पड़ता है कि एक झूठ इंसान को कितनी बड़ी परेशानी में डाल सकता है। जस्स की छिपाने की कोशिशें धीरे-धीरे उसी के खिलाफ जाने लगती हैं। हर बार उसे लगता है कि अब मामला संभल गया, लेकिन अगले ही पल कोई नया मोड़ सामने आ जाता है। यही उतार-चढ़ाव फिल्म को आगे बढ़ाते हैं।

फिल्म का क्लाइमैक्स बाकी रोमांटिक कॉमेडी फिल्मों से थोड़ा अलग है। आखिर में सच दोनों लड़कियों के सामने आ जाता है। इसके बाद बानी और प्रीत, दोनों जस्स से अलग होने का फैसला कर लेती हैं। जस्स वापस भारत लौट आता है, जहां उसकी मुलाकात अपनी पुरानी क्लासमेट दिशा (कृति सेनन) से होती है। फिल्म यहीं खत्म होती है और दर्शकों के लिए एक नया सवाल छोड़ जाती है कि क्या जस्स की जिंदगी फिर से नई शुरुआत करेगी या नहीं।

अगर एक्टिंग की बात करें तो वरुण धवन ने अपने किरदार को पूरी ऊर्जा के साथ निभाया है। कॉमेडी वाले सीन में उनकी टाइमिंग अच्छी लगती है। मृणाल ठाकुर ने एक ऐसी पत्नी का रोल निभाया है जो अपने सपनों और शादी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है। पूजा हेगड़े अपने किरदार में अच्छी लगती हैं, जबकि जिमी शेरगिल कम स्क्रीन टाइम में भी अपनी मौजूदगी महसूस करा देते हैं। फिल्म के आखिर में कृति सेनन की एंट्री छोटी जरूर है, लेकिन कहानी में नया मोड़ जोड़ देती है।

फिल्म का म्यूजिक हल्का-फुल्का है और कहानी के साथ ठीक बैठता है। सिनेमैटोग्राफी में लंदन की लोकेशन अच्छी दिखाई गई हैं। हालांकि कहानी कुछ जगहों पर खिंची हुई महसूस होती है और कुछ ट्विस्ट पहले से अंदाजा लग जाते हैं, लेकिन अगर आप बिना ज्यादा लॉजिक लगाए सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए फिल्म देखना चाहते हैं तो यह आपको निराश नहीं करेगी।

कुल मिलाकर, है जवानी तो इश्क होना है एक फैमिली ड्रामा और रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है, जिसमें प्यार, शादी, गलतफहमियां और रिश्तों की उलझनों को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाने की कोशिश की गई है। अगर आपको वरुण धवन की कॉमेडी फिल्में पसंद हैं और ऐसी कहानियां देखना अच्छा लगता है जिनमें हंसी के साथ रिश्तों का ड्रामा भी हो, तो यह फिल्म आपके वॉचलिस्ट में शामिल हो सकती है।

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